रायपुर।छत्तीसगढ़ में महंगाई अब सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक हथियार बन चुका है। पेट्रोल-डीजल से लेकर रोजमर्रा के सामान तक बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है—और इसी को लेकर सियासत गरमा गई है।विपक्ष सरकार पर सीधा हमला बोल रहा है। आरोप है कि राज्य सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह नाकाम रही है और आम जनता को राहत देने में असफल साबित हुई है।वहीं, सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे वैश्विक परिस्थितियों का असर बता रही है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उछाल का सीधा असर राज्यों पर पड़ता है, और छत्तीसगढ़ भी इससे अछूता नहीं है।लेकिन असली सवाल ये है—इन दलीलों के बीच आम जनता कहां खड़ी है?रसोई का बजट बिगड़ चुका है, और मध्यम वर्ग से लेकर गरीब तक हर कोई महंगाई की मार झेल रहा है।सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में महंगाई का मुद्दा और उग्र हो सकता है। विपक्ष सड़क पर उतरने की तैयारी में है, जिससे यह सियासी जंग और तेज होने की संभावना है।
“महंगाई पर वार-पलटवार जारी है… लेकिन सवाल वही—जनता को राहत कब मिलेगी?”






