अबूझमाड़ के पदमेटा में पुलिस का 19वां सुरक्षा व जन–सुविधा कैम्प स्थापित,अबूझमाड़ के विकास और सुरक्षा अभियान को मिली नई मजबूती

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अबूझमाड़/नारायणपुर। लंबे समय से नक्सल प्रभावित और अत्यंत दुर्गम माने जाने वाले अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास और सुरक्षा की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने अबूझमाड़ के भीतरी गांव पदमेटा में 19वां नया सुरक्षा व जन–सुविधा कैम्प स्थापित कर दिया है। इस कैम्प की स्थापना को क्षेत्र में शांति, विश्वास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

✦ विकास का नया द्वार खोलापदमेटा में खुला यह नया कैम्प न सिर्फ सुरक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि आसपास के गांवों में वर्षों से रुकी विकास गति को भी आगे बढ़ाएगा।

अधिकारियों के अनुसार कैम्प से—सड़क और पुल-पुलिया निर्माण,शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार,मोबाइल नेटवर्क और संचार सुविधा,पीने के पानी और बिजली जैसे सरकारी प्रोजेक्ट तेजी से संभव हो सकेंगे।अबूझमाड़ के अनेक इलाकों में आज भी सड़कें न होने के कारण लोग कई किलोमीटर जंगल पार कर बाज़ार और अस्पताल पहुंचते हैं। कैम्प खुलने से इन बुनियादी परेशानियों में कमी आने की उम्मीद है।इन गांवों में पहली बार सुरक्षा बलों की स्थायी मौजूदगी से विकास कार्यों की गति बढ़ी है और ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत हुआ है।

✦ नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त कार्रवाईपदमेटा कैम्प की स्थापना एक संयुक्त सुरक्षा अभियान का हिस्सा रही।

इसमें—नारायणपुर जिला पुलिस,डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड),बस्तर फाइटर्स,आईटीबीपी की कई बटालियनें ने प्रमुख भूमिका निभाई।घने जंगलों, पहाड़ी रास्तों और नक्सलियों की संभावित गतिविधियों के बावजूद सुरक्षा बलों ने इस संवेदनशील क्षेत्र में सफलतापूर्वक कैम्प तैयार किया।

ग्रामीणों में बढ़ी उम्मीदें

स्थानीय ग्रामीणों में इस कैम्प को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा की पहुंच आसान होगी, जिससे जीवनस्तर में सुधार आएगा।अधिकांश गांवों में आज भी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं का अभाव है। कैम्प की स्थापना से इन व्यवस्थाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

नक्सल गतिविधियों पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार अबूझमाड़ जैसे कठिन इलाकों में सुरक्षा कैम्पों की बढ़ती उपस्थिति नक्सली दबदबे को कमजोर करती है। इससे नक्सलियों की आवाजाही सीमित होती है और ग्रामीणों में भय की बजाय विश्वास का माहौल बनता है।✦ प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्यसरकार और पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि अबूझमाड़ के प्रत्येक गांव को विकास और सुरक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। कैम्पों के माध्यम से न केवल सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का सीधा लाभ भी मिलेगा।पदमेटा कैम्प की स्थापना इस बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य है— ‘अबूझमाड़ के हर गांव तक विकास और विश्वास की रोशनी पहुंचाना।’

Anuj Mishra  के बारे में
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