रायपुर, 23 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने सुशासन तिहार और आगामी जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को ध्यान में रखते हुए शासकीय कर्मचारियों के अवकाश को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जारी परिपत्र के अनुसार अब कोई भी शासकीय सेवक सक्षम प्राधिकारी से अवकाश स्वीकृत कराए बिना कार्यालय से अनुपस्थित नहीं रह सकेगा।सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थिति को स्वैच्छिक अनुपस्थिति माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए इसे ‘ब्रेक इन सर्विस’ (सेवा में व्यवधान) की श्रेणी में रखा जा सकता है, जिससे सेवा अवधि और अन्य लाभ प्रभावित हो सकते हैं।निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि किसी कर्मचारी को आकस्मिक अवकाश लेना पड़ता है, तो उसे यथासंभव दूरभाष या डिजिटल माध्यम से इसकी सूचना तत्काल देनी होगी। साथ ही, कार्यालय लौटने पर इसकी लिखित पुष्टि करना भी अनिवार्य होगा।इसके अलावा, लंबे अवकाश जैसे अर्जित अवकाश पर जाने से पहले संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को अपने कार्यों का प्रभार विधिवत किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी को सौंपना होगा, ताकि शासकीय कार्य प्रभावित न हों।राज्य शासन ने यह निर्देश सभी विभागों, राजस्व मंडल बिलासपुर, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिलों के कलेक्टरों को भेजते हुए कहा है कि इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।







