छत्तीसगढ़ के सुदूर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के छोटे से गांव चोखनपाल गांव में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। यहां पहली बार सरकारी राशन पहुंचा—और इसके साथ ही गांव में विकास की उम्मीद भी जाग उठी है।लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं से वंचित इस गांव में राशन पहुंचना सिर्फ एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि भरोसे की वापसी माना जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक उन्हें कई किलोमीटर दूर जाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ती थीं, लेकिन पहली बार गांव तक पहुंची इस सुविधा ने उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव ला दिया है।👉 राशन मिलने के बाद अब गांव वालों ने खुलकर अपनी मांगें रखनी शुरू कर दी हैं—सड़क और यातायात की सुविधा स्वास्थ्य सेवाएं स्कूल और शिक्षा व्यवस्था ग्रामीणों का कहना है कि अगर सरकार यहां तक राशन पहुंचा सकती है, तो विकास की अन्य योजनाएं भी जल्द पहुंचनी चाहिए।यह पहल प्रशासन की उस कोशिश का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। अब देखना होगा कि राशन के बाद विकास की ये मांगें कितनी जल्दी पूरी होती हैं।







