Inside Reports India | एक्सक्लूसिव रिपोर्ट देश भर के उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में लगभग 114.5 रुपये का इजाफा हुआ है।इस फैसले के बाद देश के करोड़ों परिवारों की रसोई पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग आमतौर पर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवार करते हैं। ऐसे में कीमत बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। इसी के आधार पर तेल कंपनियां समय-समय पर एलपीजी की कीमतों में संशोधन करती हैं। हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए यह बदलाव सीधे महंगाई का संकेत बनकर सामने आता है।कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और छोटे खाद्य व्यवसायों पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है। इन व्यवसायों की लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। इससे आम जनता पर दोहरा असर पड़ने की आशंका है—एक तरफ घरेलू गैस महंगी और दूसरी तरफ बाजार में खाने-पीने की वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं।आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतें स्थिर नहीं होती हैं, तो एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आगे भी बदलाव संभव है। यही वजह है कि गैस की कीमतों का मुद्दा अक्सर राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय भी बन जाता है।सरकार की ओर से उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को राहत देने की कोशिश की गई है, लेकिन सिलेंडर की कीमत बढ़ने पर सब्सिडी और राहत की मांग भी तेज हो जाती है।फिलहाल नई कीमतें लागू होने के बाद देशभर में गैस एजेंसियों ने संशोधित दरों पर सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी शुरू कर दी है।
Inside Angle:एलपीजी की कीमतों में हर बढ़ोतरी सिर्फ एक आंकड़ा नहीं होती, बल्कि यह सीधे तौर पर देश की रसोई, छोटे कारोबार और आम आदमी की जेब से जुड़ा मुद्दा बन जाती है। ऐसे में आने वाले समय में सरकार और तेल कंपनियों की नीति पर भी लोगों की नजर बनी रहेगी।







