बिलासपुर में ‘क्राइम ब्रांच’ बनकर वसूली: आरक्षक और साथियों ने युवक को अगवा कर 54 हजार ऐंठे

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बिलासपुर, 05 मार्च 2026।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक आरक्षक और उसके साथियों पर आधी रात युवक को घर से उठाकर बंधक बनाने और नशीले पदार्थों के केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने का आरोप लगा है।यह पूरा मामला बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।

आधी रात घर पहुंचा ‘क्राइम ब्रांच’पीड़ित युवक के अनुसार, घटना देर रात की है। अचानक एक स्कार्पियो वाहन उसके घर के सामने आकर रुका। वाहन से उतरे कुछ लोग खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी और पुलिस कर्मचारी बताने लगे।बताया जा रहा है कि उनके साथ एक आरक्षक भी मौजूद था। आरोप है कि उन्होंने बिना किसी नोटिस या कागजी कार्रवाई के युवक को जबरदस्ती घर से बाहर निकाला और स्कार्पियो में बैठाकर अपने साथ ले गए।

ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी

युवक को गाड़ी में बैठाकर कुछ दूरी तक ले जाया गया। रास्ते में उसे धमकाया गया कि उसके खिलाफ नशीले पदार्थों (ड्रग्स) का मामला दर्ज कर दिया जाएगा।आरोपियों ने युवक से कहा कि अगर वह इस मामले से बचना चाहता है तो उसे डेढ़ लाख रुपये देने होंगे। युवक के मुताबिक आरोपियों ने उसे मानसिक रूप से काफी डराया और दबाव बनाया।

डर के कारण दे दिए 54 हजार

डर और दबाव के माहौल में युवक ने अपने परिचितों से पैसे की व्यवस्था की। आरोप है कि आरोपियों ने उससे 54 हजार रुपये वसूल लिए।पैसे लेने के बाद युवक को छोड़ दिया गया।

थाने पहुंचा पीड़ित

आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद युवक सीधे अपने परिजनों के पास पहुंचा और पूरी घटना बताई। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ कोटा थाना पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जो पहले पुलिस की गाड़ी चलाने का काम करते थे। बताया जा रहा है कि पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे घटनाक्रम में आरक्षक की वास्तविक भूमिका क्या थी और क्या उसने अपने पद का दुरुपयोग किया।

कई सवाल खड़े

इस घटना के सामने आने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं—क्या पुलिस की पहचान का इस्तेमाल कर अपराध किया गया?क्या आरोपी वास्तव में पुलिस से जुड़े थे या सिर्फ नाम का इस्तेमाल कर रहे थे?अगर आरक्षक शामिल था तो क्या विभागीय कार्रवाई होगी?पुलिस विभाग के लिए चुनौती छत्तीसगढ़ में हाल के समय में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस लगातार सख्ती दिखा रही है। ऐसे में इस तरह की घटना सामने आना पुलिस की साख पर भी सवाल खड़े करता है।अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में सच क्या निकलता है और दोषियों पर कितनी कड़ी कार्रवाई होती है।

Anuj Mishra  के बारे में
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