रायपुर। जीई रोड स्थित एनआईटी के पास बने साइंस कॉलेज मैदान की चौपाटी को हटाए जाने को लेकर पिछले दो दिनों से रायपुर में राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। देर रात जैसे ही चौपाटी हटाने की प्रशासनिक तैयारी की खबर फैली, कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल अपने समर्थकों और दुकानदारों के साथ मौके पर पहुंच गए और रातभर धरने पर बैठ गए। वहीं शनिवार सुबह चौपाटी हटाने पहुंचे प्रशासनिक अमले और बीजेपी नेताओं की मौजूदगी ने हालात को और गरमा दिया।राजनीतिक टकराव बढ़ा – मूणत और हरितवाल आमने-सामनेशनिवार सुबह करीब 8 बजे नगर निगम का अमला जेसीबी, क्रेन और सुरक्षा बलों के साथ चौपाटी हटाने पहुंचा। इसी दौरान मौके पर पहुंचे बीजेपी विधायक राजेश मूणत और कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल के बीच जोरदार बहस हो गई।दोनों नेताओं के बीच कुछ मिनटों तक तीखी नोकझोंक चलती रही।कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि चौपाटी हटाने का यह फैसला मनमाना और गरीब विरोधी है।वहीं मूणत ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे लोकल व्यवसायियों को भ्रमित कर मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहे हैं।इस बहस के बीच भीड़ और दुकानदारों की नारेबाजी ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया।दुकानदारों का दर्द – “बिना विकल्प के हटाना गलत है”चौपाटी पर वर्षों से दुकानें चला रहे छोटे व्यवसायियों ने कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। उनका कहना है कि—यह चौपाटी सैकड़ों परिवारों की आजीविका का आधार है।बिना वैकल्पिक स्थल दिए हटाना पूरी तरह अन्याय है।नगर निगम ने पहले रिहैबिलिटेशन या शिफ्टिंग की योजना तक नहीं बताई।दुकानदारों ने कहा कि रातभर से तनाव इसी डर के कारण था कि सुबह भारी मशीनें आ जाएंगी और दुकानें तोड़ दी जाएंगी।पुलिस का एक्शन – हल्का बल प्रयोग, कई प्रदर्शनकारी हटाए गए।स्थिति बिगड़ते देख सुबह करीब 9 बजे पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर भीड़ को पीछे हटाने की कोशिश की।जब प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी तेज की और मशीनों का रास्ता रोका, तब पुलिस नेहल्का बल-प्रयोग किया।कई प्रदर्शनकारियों को अस्थायी रूप से हिरासत में लिया।चौपाटी के कुछ हिस्सों को खाली करवाना शुरू किया।इस दौरान कुछ महिलाओं और दुकानदारों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए वहीं सड़क पर बैठकर प्रदर्शन जारी रखा।







